भारत में कॉलेज सीट अलॉटमेंट काउंसलिंग के जरिए होता है। यह प्रक्रिया आपके एंट्रेंस एग्जाम स्कोर (जैसे JEE, NEET, CUET), चॉइस फिलिंग, कैटेगरी और सीट उपलब्धता पर आधारित होती है। मुख्य रूप से दो प्रकार: सेंट्रलाइज्ड (JoSAA, MCC) और डिसेंट्रलाइज्ड (यूनिवर्सिटी/स्टेट लेवल)। 2025 में प्रक्रिया जून-जुलाई से शुरू हुई और राउंड्स में चली। नीचे स्टेप बाय स्टेप प्रक्रिया बताई गई है।
सीट अलॉटमेंट की सामान्य प्रक्रिया
- रजिस्ट्रेशन और चॉइस फिलिंग: एग्जाम रिजल्ट के बाद काउंसलिंग पोर्टल पर रजिस्टर करें। कॉलेज/कोर्स की प्रेफरेंस लिस्ट भरें (ज्यादा से ज्यादा ऑप्शंस भरें)।
- मॉक अलॉटमेंट: कुछ काउंसलिंग में मॉक राउंड होते हैं – अनुमान लगाने के लिए चॉइस चेंज कर सकते हैं।
- सीट अलॉटमेंट रिजल्ट: रैंक, चॉइस और उपलब्ध सीट्स के आधार पर राउंड वाइज अलॉटमेंट। PDF या लॉगिन से चेक करें।
- ऑप्शंस चुनें: Freeze (सीट लॉक), Float (बेहतर के लिए वेट), Slide (सेम कॉलेज बेहतर ब्रांच)।
- सीट एक्सेप्टेंस फीस पे करें: अलॉटमेंट के बाद फीस पे करें वरना सीट कैंसल।
- डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन: ऑनलाइन अपलोड या ऑफलाइन रिपोर्टिंग।
- कॉलेज रिपोर्टिंग: अलॉटेड कॉलेज में जाकर एडमिशन कन्फर्म करें।
राउंड्स: आमतौर पर 4-6 राउंड + स्पॉट/मॉप-अप राउंड वैकेंट सीट्स के लिए।
प्रमुख काउंसलिंग और अलॉटमेंट प्रक्रिया
- JoSAA (इंजीनियरिंग – IIT, NIT, IIIT, GFTI): JEE Main/Advanced स्कोर पर। 6 राउंड। पोर्टल: josaa.nic.in
- MCC (मेडिकल – AIQ, सेंट्रल यूनिवर्सिटी): NEET स्कोर पर। 4 राउंड + स्ट्रे वैकेंसी। पोर्टल: mcc.nic.in
- CUET UG (DU, BHU, JNU आदि UG कोर्सेस): यूनिवर्सिटी लेवल काउंसलिंग। अलग-अलग पोर्टल (जैसे DU CSAS)।
- स्टेट लेवल काउंसलिंग: राज्य CET या 85% स्टेट कोटा। अलग पोर्टल (जैसे UP: updeled.gov.in)।
कटऑफ और फैक्टर्स
- कटऑफ: रैंक/मार्क्स पर – जनरल हाई, रिजर्व्ड कम।
- फैक्टर्स: रैंक, कैटेगरी, होम स्टेट कोटा, सीट उपलब्धता।
टिप्स
- चॉइस फिलिंग में ज्यादा ऑप्शंस भरें।
- पिछले साल की कटऑफ देखें।
- डेडलाइन मिस न करें।
- डॉक्यूमेंट्स पहले तैयार रखें।
निष्कर्ष
कॉलेज सीट अलॉटमेंट रैंक और चॉइस पर आधारित ऑटोमेटेड प्रक्रिया है। सही काउंसलिंग पोर्टल पर रजिस्टर करें और अपडेट चेक करते रहें। अगर कोई स्पेसिफिक काउंसलिंग (JoSAA, MCC, CUET) की डिटेल चाहिए तो बताएं!

