कॉलेज या कोर्स चुनते समय रैंकिंग (NIRF, QS आदि) एक महत्वपूर्ण फैक्टर है, लेकिन यह अकेला और सबसे जरूरी नहीं है।
2025-2026 में ज्यादातर स्टूडेंट्स और पैरेंट्स अभी भी रैंकिंग को सबसे ऊपर रखते हैं, लेकिन रियलिटी में placement data और कुछ अन्य फैक्टर्स रैंकिंग से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हो गए हैं।
यहाँ पूरा ब्रेकडाउन है कि ranking से ज्यादा क्या देखना चाहिए (और क्यों):
Placement Data सबसे महत्वपूर्ण क्यों है? (रैंकिंग से ज्यादा)
- रैंकिंग अक्सर रिसर्च, फैकल्टी पब्लिकेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज्यादा वेटेज देती है।
- लेकिन स्टूडेंट के लिए असली ROI (रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट) प्लेसमेंट से आता है — यानी पढ़ाई के बाद अच्छी जॉब और सैलरी।
- कई कॉलेज रैंकिंग में टॉप-20 में हैं, लेकिन प्लेसमेंट औसत या कम है (केवल 30-50% प्लेसमेंट रेट या कम पैकेज)।
- वहीं कुछ मिड-रैंक कॉलेज (जैसे VIT, SRM, Manipal, Thapar) स्पेसिफिक ब्रांच में IIT/NIT से बेहतर प्लेसमेंट देते हैं।
- क्या देखना चाहिए:
- पिछले 3 साल का प्लेसमेंट रिपोर्ट (औसत पैकेज, हाईएस्ट पैकेज, प्लेसमेंट %)
- कौन-कौन सी कंपनियां आती हैं (मास रिक्रूटर्स vs टॉप MNC)
- ब्रांच-वाइज प्लेसमेंट (क्योंकि CSE में 20 LPA, लेकिन Civil में 4-6 LPA हो सकता है)
रैंकिंग से ज्यादा देखने वाले दूसरे महत्वपूर्ण फैक्टर्स (प्राथमिकता क्रम में)
- प्लेसमेंट रिकॉर्ड (सबसे ऊपर)
- कोर्स कंटेंट और करिकुलम (क्या पढ़ाया जा रहा है? इंडस्ट्री डिमांड से मैच करता है या पुराना सिलेबस है?)
- इंडस्ट्री टाई-अप और इंटर्नशिप (कंपल्सरी इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट्स)
- फैकल्टी क्वालिटी (प्रोफेसरों का अनुभव, रिसर्च, इंडस्ट्री कनेक्शन)
- अलुमनी नेटवर्क (LinkedIn पर चेक करो — पूर्व छात्र कहाँ काम कर रहे हैं?)
- फीस vs ROI (फीस कितनी है vs एवरेज सैलरी कितनी मिल रही है?)
- लोकेशन (बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद जैसे शहरों में ज्यादा जॉब ऑपर्चुनिटी)
- कैंपस कल्चर और इंफ्रास्ट्रक्चर (हॉस्टल, लैब्स, क्लब्स — लाइफ एक्सपीरियंस के लिए)
- स्किल डेवलपमेंट और सर्टिफिकेशन (कॉलेज में कोडिंग, AI, डिजिटल मार्केटिंग जैसे कोर्स/सर्टिफिकेट देते हैं?)
रैंकिंग कब महत्वपूर्ण है?
- अगर तुम टॉप रिसर्च या PhD करना चाहते हो
- अगर इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी में आगे पढ़ना है (कुछ देश रैंकिंग देखते हैं)
- अगर तुम्हें “ब्रांड वैल्यू” चाहिए (IIT, IIM, BITS जैसे नाम से शुरुआती इंटरव्यू में फायदा)
लेकिन ज्यादातर स्टूडेंट्स के लिए रैंकिंग से ज्यादा ये 3 चीजें देखो
- प्लेसमेंट रिपोर्ट (2023-2025 के डेटा)
- ब्रांच/कोर्स का प्लेसमेंट (क्योंकि CSE में 15 LPA, लेकिन Civil में 5 LPA हो सकता है)
- तुम्हारा इंटरेस्ट और स्किल बिल्डिंग (कॉलेज में स्किल्स सिखाने का मौका मिल रहा है या नहीं?)
छोटा लेकिन पावरफुल चेकलिस्ट (कॉलेज चुनने से पहले)
- प्लेसमेंट % कितना है? (80%+ अच्छा)
- एवरेज पैकेज कितना है? (लाखों में)
- टॉप 10% स्टूडेंट्स को कितना पैकेज मिला?
- कौन-कौन सी कंपनियां आती हैं? (मास रिक्रूटर्स vs टॉप MNC)
- इंडस्ट्री टाई-अप हैं? (इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट्स)
- कोर्स में मॉडर्न सब्जेक्ट्स (AI, Cloud, Cybersecurity) शामिल हैं?
अगर ये 3-4 चीजें अच्छी हैं तो रैंकिंग 50-100 के बीच भी हो तो वो कॉलेज बहुत बेहतर हो सकता है।

