एग्जाम सिलेबस बहुत बड़ा लगता है, लेकिन स्मार्ट तरीके से डिवाइड करने से पढ़ाई आसान, व्यवस्थित और प्रभावी हो जाती है। टॉपर्स यही करते हैं – वे सिलेबस को छोटे-छोटे पार्ट्स में बांटकर समय बचाते हैं और रिवीजन आसान बनाते हैं। यहां स्टेप बाय स्टेप बताया गया है कि सिलेबस को स्मार्ट तरीके से कैसे डिवाइड करें – बोर्ड एग्जाम, कॉम्पिटिटिव या कॉलेज एग्जाम के लिए।
स्टेप 1: सिलेबस को अच्छे से समझें
- ऑफिशियल सिलेबस प्रिंट कर लें या PDF ओपन करें।
- हाईलाइट करें: मुख्य टॉपिक्स, सब-टॉपिक्स, मार्क्स वेटेज।
- पिछले पेपर्स देखें – कौन से टॉपिक्स से ज्यादा सवाल आते हैं।
टिप: सिलेबस को 3 कैटेगरी में बांटो – हाई वेटेज, मीडियम, लो वेटेज।
स्टेप 2: सिलेबस को डिवाइड करें (स्मार्ट तरीके)
तरीका 1: वेटेज के आधार पर (सबसे अच्छा)
- हाई वेटेज (60-70% मार्क्स): पहले पूरा करें।
- मीडियम वेटेज (20-30%): बीच में।
- लो वेटेज (10%): लास्ट में या जल्दी निपटा लें।
उदाहरण: मैथ्स में DI, Algebra हाई वेटेज तो पहले।
तरीका 2: डिफिकल्टी लेवल के आधार पर
- आसान टॉपिक्स: पहले – कॉन्फिडेंस बढ़ेगा।
- मुश्किल टॉपिक्स: बीच में – ज्यादा समय दें।
- वीक टॉपिक्स: रोज थोड़ा-थोड़ा।
तरीका 3: समय के आधार पर (डिवाइडेड प्लान)
- कुल समय देखें (जैसे 3 महीने = 90 दिन)।
- सिलेबस को 3 फेज में बांटें:
- पहला फेज (पहले 40-50 दिन): पूरा सिलेबस कवर।
- दूसरा फेज (अगले 20-30 दिन): रिवीजन + प्रैक्टिस।
- तीसरा फेज (लास्ट 20 दिन): मॉक टेस्ट + वीक टॉपिक्स।
स्टेप 3: डेली/वीकली टारगेट बनाएं
- रोज 2-3 टॉपिक्स पूरा करने का टारगेट।
- वीकली: 1-2 चैप्टर्स + रिवीजन।
- टिप: टारगेट छोटा रखें – पूरा होने पर मोटिवेशन मिलेगा।
स्टेप 4: टूल्स का इस्तेमाल करें
- नोटबुक या Notion ऐप में सिलेबस लिखकर टिक मार्क करें।
- माइंड मैप बनाएं – टॉपिक्स विजुअली डिवाइड होंगे।
- Google Calendar में डेली टारगेट सेट करें।
एक्स्ट्रा स्मार्ट टिप्स
- 80/20 रूल: 80% मार्क्स 20% टॉपिक्स से – पहले उन्हें कवर करें।
- रिवीजन के लिए अलग समय रखें।
- लास्ट मंथ में सिर्फ रिवीजन और मॉक।
- दोस्तों से डिस्कस करें – प्लान शेयर करो।
निष्कर्ष
सिलेबस को स्मार्ट तरीके से डिवाइड करने से पढ़ाई आसान और व्यवस्थित हो जाती है। वेटेज और डिफिकल्टी देखकर बांटें, डेली टारगेट बनाएं और रिवीजन पर फोकस करें। आज से सिलेबस प्रिंट करके डिवाइड करना शुरू करो – स्ट्रेस कम होगा और मार्क्स बढ़ेंगे!

